
ब्रॉडबैंड नेटवर्क परिमंडल जिसे पहले डाटा नेटवर्क परिमंडल के नाम में जाना था का स्थापना 1988 में डाटा सेवाओं को संभालने के लिए कि गयी . ब्रॉडबैंड परिमंडल के मुख्य महाप्रबंधक का कार्यालय नई दिल्ली में है और बंगलूर, मुंबई ,पुणे, और नोएडा में इसकी क्षेत्रीय
इकाइयों
है. परिमंडल में
मुख्य महाप्रबंधक
और कई वरिष्ठ
अधिकारी है.
विवरण>>
ब्रॉडबैंड
नेटवर्क परिमंडल ने निम्नलिखित
सेवाएं शुरू
की है.
आरएबीएमएन - 1991 में
दूरसंचार के
झलाको को संपर्क देने के लिए एक कम गति
के वी सेट नेटवर्क को
स्थापना कि गयी. इस सेवा
के
अंतर्गत X - 28 और
X - 25 प्रौद्योगिकी
का प्रयोग 1.2 और 9.6 Kbps की
डाटा गति की
सेवा के लिए किया गया.
आईनेट- 1991 में 103 नोड्स
के स्थलीय
पैकेट स्विचन के
नेटवर्क की स्थापना की गयी. इस नेटवर्क द्वारा X-28, X-25 और फ़्रेम रिले सेवा
दी गई. इंटरनेट के प्रयोग के बढ़ने से यह प्रौद्योगिकी अप्रचलित हो गयी और 2008 में आईनेट को बंद
कर दिया गया
इंटरनेट
सेवाएँ - 1996 से डायलअप
और लीज्ड इंटरनेट सेवाएं शुरू की गयी . शुरुआत में
इंटरनेट सेवाएं को राष्ट्रीय
इंटरनेट बैकबोन
– 1 से
दिया
गया जिसमें ए और बी तरफ के 45 नोड्स और
सी तरफ के 400 नोड्स पूरे देश में
फैले हुए हैं . उच्च
गति की की इंटरनेट
सेवाएं राष्ट्रीय
इंटरनेट बैकबोन
- 2
परियोजना के
अंतर्गत स्थापित की
गयी. इस परियोजना
के चार निम्नलिखित
भाग है.
|
परियोजना - 1 |
एमपीएलएस
बैकबोन नेटवर्क |
|
परियोजना - 2.1 |
संकीर्ण
बैंड रास |
|
परियोजना - 2.2 |
ब्रॉडबैंड रास और मलटिप्लाई नेटवर्क |
|
परियोजना
- 3 |
आईपी सेवाओं को परिबंधन के
लिए ओएसएस और बीएसएस प्रणाली |
परियोजना – 1 : - एमपीएलएस, प्रौद्योगिकी
का उपयोग करते डाटा सेवाओं को सहायता के
लिए 2003 में
10 शहरों
में इस परियोजना की शुरुआत की
गयी . 2005 में इस परियोजना के अंतर्गत नोड्स की संख्या 106 कर दी गयी . वर्तमान
में इस नेटवर्क
का उपयोग एमपीएलएस वीपीएन, ब्रॉडबैंड,डायलअप, लीज्ड
इंटरनेट
सेवा तथा सीडीएमए, वाई मैक्स
और जीएसएम सेवाओं द्वारा डाटा के उपयोग के लिए किया
जाता है
परियोजन – 2.1 : इस परियोजना में 71 शहरों में डायलअप इंटरनेट सेवाओं के लिए संकीर्ण बैंड रास को स्थापित किया गया. इस नेटवर्क का उपयोग पोस्टपैड डायलअप इंटरनेट सेवा और डायलअप वीपीएन सेवा के लिए
भी किया जाता है
परियोजना – 2.2 : इस परियोजना के अंतर्गत
2005 में ब्रॉडबैंड
सेवाएं शुरू की गयी . इस परियोजना के अंतर्गत
256 Kbps से 8 Mbps की गति ब्रॉडबैंड
सेवाएं दी जाती है. मलटिप्लाई परियोजना के द्वारा ब्रॉडबैंड
सेवाओं का विस्तार किया
गया .
ग्रामीण झलाको में ब्रॉडबैंड सेवाएं प्रदान करने के लिए
मलटिप्लाई परियोजना में आवश्यक प्रबंध किएं गयी है. इस परियोजना के अंतर्गत
अब तक 90 लाख ब्रॉडबैंड
कनेक्शन देने की क्षमता
प्राप्त कर ली गयी है.
परियोजना – 3 - सभी डाटा सेवाओं को प्रदान और बिलिंग के लिए
2006 में परियोजना
– 3 की स्थापना गयी . इस परियोजना का प्राथमिक
नेटवर्क संचार केंद्र बंगलौर में स्थित
है और डीआर नेटवर्क परि चालन केंद्र पुणे में स्थित है. परियोजना
के अंतर्गत मुंबई
और नोएडा में डाटा केंद्र
की स्थापना की गयी हैं . इस परियोजना से निम्नलिखित सेवाओं का प्रावधानीकरण , प्रचालन , प्रबंधन और बिलिंग की जाती है
सेवाओं को नाम
1.
खुदरा संदेश,
2.
संचार नेट
3.
ब्रॉडबैंड
4.
वेब होस्टिंग
5.
संदेश होस्टिंग
6.
वेब सहस्थान
7.
ब्रॉडबैंड
वीपीएन
8.
लीज्ड इंटरनेट
सेवा
9.
एमपीएलएस
वीपीएन
10.
वाई मैक्स.
वर्तमान में परियोजना - 3 की क्षमता 50 लाख ग्राहकों को सेवा प्रदान करने के की है. वर्तमान में इस प्रणाली का उपयोग मुख्यतः 35 लाख ग्राहकों
को दी जा रही
ब्रॉडबैंड सेवा के लिए
किया जा रहा है. .
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